योगी आदित्यनाथ के उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में सब उनके नाम से भली-भांति परिचय है किंतु यदि हम अपने आप से पूछे कि किस कारण से हम योगी आदित्यनाथ को जानते हैं तो आप सीधे एवं स्पष्ट रूप से एक वाक्य में बोलेंगे "उत्तर प्रदेश में बुलडोजर बाबा का राज है"।
बुलडोजर अर्थात "अपराध के विरुद्ध सुरक्षा" यानी के योगी आदित्यनाथ को हम अन्य मुख्यमंत्री की तुलना में सुरक्षा की दृष्टि से अधिक सक्षम मानते हैं।
इसका क्या परिणाम हुआ कि-
- देर रात में भी भ्रमण विशेष रूप से महिलाओं के लिए संभव हो पाया यानी के एक सुरक्षा का वातावरण निर्मित हुआ।
- तब मुख्यमंत्री के सामने अगली चुनौती है आई कि सुरक्षा का वातावरण तो बना रहा हूं "लेकिन व्यक्ति आवागमन किस उद्देश्य के लिए करेगा"? और
- तब उत्तर प्रदेश में सड़कों के जाल को बिछाया गया क्योंकि यदि आपको किसी क्षेत्र का विकास करना है तो कुछ मत करिए बस वहां पर एक उचित गुणवत्तापरक सड़क का निर्माण कर दीजिए।
- परिणाम स्वरूप अन्य आर्थिक गतिविधियां सामूहिक रूप से प्रारंभ हुई और आज की स्थिति में उत्तर प्रदेश सकल घरेलू उत्पाद/ Gross Domestic Product-GDP की दृष्टि से महाराष्ट्र के बाद देश का दूसरा सबसे बड़ा राज्य बन गया है।
मैं इस वाक्यांश के माध्यम से केवल यह बताने का प्रयास कर रहा हूं कि-
- सुरक्षित वातावरण ही आर्थिक एवं राजनीतिक गतिविधियों की "जनन भूमि/ Germination Ground" बनता है।
प्रधानमंत्री की -
- जॉर्डन Jordan
- इथोपिया Ethiopia तथा
- ओमान Oman यात्रा की यात्रा को हमें इसी परिपेक्ष में देखना होगा।
- 15 से 18 दिसंबर 2025 के बंदे प्रधानमंत्री जॉर्डन इथोपिया तथा ओमान की यात्रा पर रहेंगे।
जॉर्डन/ Jordan
प्रारंभिक चरण में प्रधानमंत्री जॉर्डन की यात्रा पर जा रहे है जॉर्डन, जैसा कि मानचित्र बता रहा है, पश्चिम एशिया का एक देश है।
अब पश्चिम एशिया के मानचित्र का अवलोकन करते हैं इस मानचित्र के अनुसार ईरान से पश्चिम एशिया प्रारंभ कर तुर्की तक जा रहा है।
- इस समय तुर्की पाकिस्तान का साथ में है
- ईरान इजरायल के साथ युद्ध में है।
- सऊदी अरब अमेरिका के साथ गठबंधन में मिस्र के साथ खड़ा हुआ है।
- इराक में गृह युद्ध की स्थिति है।
- सीरिया में भी कुछ समय पहले ही सत्ता परिवर्तन हुआ है और बसर अल असद की सरकार, जिसको की RUSSIA की निकटवर्ती माना जाता था उसका स्थानांतरण करके वर्तमान की सरकार अमेरिका के निकट हो गई है।
What is the difference between the Middle East
and West Asia??🤔🤔
इस प्रकार पश्चिम एशिया में या मध्य पूर्व एशिया में
- सीरिया/ Syria
- सऊदी अरब Saudi Arab
- कतर/ Qatar और
- मिस्र/ Egypt अमेरिका के सहयोगी के रूप में स्थापित है।
- तुर्की/ Turkey एवं अज़रबैजान/ Azerbaijan पाकिस्तान/ Pakistan बांग्लादेश/ Banglsdesh तथा चीन/ China के साथ गठबंधन में है।
इस पूरे क्षेत्र में बस एक देश इजराइल/Isreal भारत के सहयोगी के रूप में हमको मिलता है तथा एक देश जो कि महत्वपूर्ण होते हुए भी एक उदासीन देश/Neutral State के रूप में यहां पर स्थापित है उसका नाम जॉर्डन/ Jordan है।
- पश्चिम एशिया से भारत अपने कुल कच्चे तेल का औसत 40% तेल आयात करता है
- प्राकृतिक गैस के रूप में यह प्रतिशत 60% तक पहुंच जाता है।
इस प्रकार भारत की ऊर्जा आवश्यकता एवं निर्भरता पश्चिम एशिया के सहारे है।
इसके साथ ही-
- स्वेज़ की खाड़ी/Gulf Of Suez से प्रारंभ होकर भारत के पश्चिमी तट तक यह पूरा संबंधी क्षेत्र पश्चिम एशिया के प्रभाव में
- जॉर्डन सैद्धांति रूप से इसराइल/ Isreal और फिलीस्तीन/ Palestine को लेकर "दो राज्य सिद्धांत Two State Theory" को प्रेषित करता है भारत भी इसी सिद्धांत का अनुसरण करता है।
सुरक्षा के वातावरण में निरंतर गिरावट पश्चिम एशिया या मध्य पूर्व एशिया में भारत के राजनीतिक आर्थिक एवं रक्षा संबंधी हितों को हानि पहुंचा सकता है।
- भारत का यूरोप को होने वाले निर्यात का कुल 80% लाल सागर तथा स्वेज की खाड़ी से होकर जाता है।
- यूरोप तथा अमेरिका का सम्मिलित भाग भारत के कुल व्यापार का लगभग 34% इसी जल मार्ग के माध्यम से होकर निकलता है।
- भारत के कुल तेल आयात का लगभग 14 प्रतिशत लाल सागर मार्ग से आता है।
- लाल सागर मार्ग भारत के कुल वैश्विक व्यापार का 12% तथा तथा वैश्विक व्यापार का लगभग 30% आयात एवं निर्यात उपलब्ध करवाता है।
इन उपयुक्त तथ्यों के आधार पर हम पश्चिम एशिया का महत्व भारत के परिपेक्ष में समझ सकते हैं।
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जॉर्डन की यात्रा-
Jordan Geography Physical Feature Dead
Sea Highlands Lake Galilee West Bank
- जॉर्डन भारत के मध्य 75 वर्ष के राजनीतिक संबंधों की वर्षगांठ के कार्यक्रम की परिपेक्ष में प्रधानमंत्री जॉर्डन की यात्रा पर है।
जॉर्डन का भारत के लिए महत्व/ Jordan Importance for India
- जॉर्डन के मानचित्र की स्थिति यूरोप/ Europe, अफ्रीका/ Africa तथा पश्चिम एशिया/ West Asia के मध्य की है, तथा
- मध्य पूर्व एशिया में यह एकमात्र देश है जो किसी प्रकार के युद्ध या गृह युद्ध की स्थिति में नहीं है।
- जॉर्डन भारत के समान ही दो राज्य सिद्धांत को मान्यता देता है इसलिए भारत की तरह ही जॉर्डन ने भी फिलीस्तीन/ Philistine को इसराइल/ Israel के साथ-साथ मान्यता दे रखी है।
- प्रधानमंत्री मोदी इस तथ्य को पहले ही कह चुके हैं कि हम उदासीन राज्य/Neutral State नहीं है बल्कि हम शांति के पक्ष के राज्य हैं।
- जॉर्डन हजरत मोहम्मद की 43 वी पीढ़ी का देश है क्योंकि यहां के राजा हजरत मोहम्मद की 43 वी पीढ़ी से हैं।
- इस प्रकार हजरत मोहम्मद की वंशावली और सुन्नी प्रधान देश होने के कारण यह मध्य पूर्व के क्षेत्र में भारत की मान्यता और अधिक स्थापित करता है।
- इसी परिपेक्ष को यदि आगे बढ़ाएं तो जॉर्डन भारत की कश्मीर नीति का समर्थन करता है यानी हजरत मोहम्मद की पीढ़ी भारत की कश्मीर नीति के समर्थन में है जो कि अरब मुस्लिम वैश्विक मंच में भारत की मान्यता को प्रबलता प्रदान करता है।
- जॉर्डन भारत की UNSC की स्थाई सदस्यता का भी निरंतर समर्थन करता है।
इस प्रकार उपर्युक्त समस्त पक्ष एक सुरक्षित वातावरण का निर्माण मध्य पूर्व के क्षेत्र मे भारत के लिए करते हैं।
आर्थिक पक्ष
- जॉर्डन का महत्व वहा पर स्थित शैल तेल Shale Oil के माध्यम से आता है जहां वैश्विक स्तर पर इसका स्थान सातवें नंबर का है।
- जॉर्डन की उपयोगिता खाद्य उर्वरक / फास्फेट, फास्फोरिक एसिड तथा पोटाश की आपूर्ति में महत्वपूर्ण है जो की भारत कृषि खाद्य आपूर्ति को संरक्षित करता है।
- भारत जॉर्डन का चौथा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार।
- लगभग 18000 भारतीय जॉर्डन में निवास करते हैं जो दोनो ही अर्थव्यवस्था को संबल प्रदान करते हैं।
इथोपिया/
Ethiopia
- जब इथोपिया इटली के औपनिवेशिक वाद से स्वतंत्र हुआ तब इथोपिया को मान्यता देने में एवं उसके साथ राजनीतिक संबंध स्थापित करने में भारत अग्रणी देश में से एक था।
- वर्ष 2023 में G20 का शिखर सम्मेलन भारत में हुआ जहां भारत और प्रधानमंत्री मोदी के प्रयास से African Union को G20 का सदस्य बनवाया गया।
- इसके साथी 01-01-2024 से -
- मिस्र/ Ehypt
- ईरान/ Iran तथा
- UAE के साथ इथोपिया ब्रिक्स/ BRICS का पूर्णकालिक सदस्य बनता है।
- यह दोनों ही संकेत निश्चित रूप से भारत और इथोपिया के संबंध के विषय में कुछ कहते हैं।
- भारत इथियोपिया में तीसरा सबसे बड़ा निवेशक देश है प्रथम नंबर चीन का है।
- इथियोपिया में अभी तक कोई भी सैन्य केंद्र / Military Base चीन का नहीं बना है तथा जो अमेरिका का था वह भी अब समाप्त हो गया है।
- अब इस मानचित्र को ध्यान से देखिए जहां लाल सागर क्षेत्र में आदम की खड़ी है यहीं पर Bab Al Mandab की जलसंधि भी हमको मिलती है।
- लाल सागर/ Red Sea के इसी क्षेत्र में तथा यमन. Yemen के तटीय क्षेत्र के निकट "हुती विद्रोही/ Houtis Militant" भारतीय मालवाहक जहाज पर हमला करते हैं।
- उद्देश्य केवल एक भारत को आर्थिक नुकसान पहुंचा कर उसकी वैश्विक प्रतिष्ठा पर चोट करना है।
- इसी मानचित्र के अध्ययन पर हमको एक निकटवर्ती देश जिबूती Djibouti भी मिलता है और यहीं पर चीन का सैन्य बिंदु /Military Base है।
- यद्यपि इथोपिया के साथ हमारा कोई भी सैन्य समझौता नहीं है लेकिन इसकी प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है जब 15-10-2025 को भारत और इथोपिया के मध्य है संयुक्त रक्षा सहयोग Joint Defense Cooperation -JDC की बैठक आयोजित की गई।
- तो इस प्रकार जैसा कि हम चर्चा करते आ रहे हैं सत्यापित होता है कि आर्थिक प्रगति के लिए "समावेशी रणनीतिक सतत स्थाई सुरक्षा Inclusive Strategic Sustainable Defense Security" होनी आवश्यक है।
- इस कड़ी में इथियोपिया एक महत्वपूर्ण साझेदार देश के रूप में भारत का सहयोगी बनता है।
Oman-
- पिछले सप्ताही केंद्रीय कैबिनेट के द्वारा भारत/ India-ओमान/ Oman के मध्य व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता Comprehensive Economic Partnership Agreement-CEPA स्वीकृति दी गई है।
- ओमान यात्रा से पूर्व ओमान का क्या महत्व भारत के लिए है यह उसका एक राजनीतिक संकेत है।
- मानचित्र का अध्ययन करने पर हम पाते हैं कि "होर्मुज स्थल डमरू मध्य /Strait of Hormuz" की जलसंधि पर ओमान एक महत्वपूर्ण देश के रूप में स्थापित है।
- IMEC - India Middle east Europe economic Corridor भारत-मध्य पूर्व-यूरोपीय-आर्थिक-गलियारा को अस्तित्व में लाने के लिए भारतीय परिपेक्ष से ओमान एक महत्वपूर्ण देश है जहां इसकी भौगोलिक स्थिति इसके महत्व को इस मानचित्र के माध्यम से दर्शाती है।
- ओमान के सर्वाधिक महत्वपूर्ण एवं बड़े आर्थिक साझेदारों में भारत एक देश है।
- ओमान भारत का सातवां सबसे बड़ा तेल निर्यातक देश है।
- वर्ष 2018 में भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ओमान की यात्रा कर चुके हैं जहां 8 महत्वपूर्ण समझौते किए गए थे जिससे प्रमुख रूप से रक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, और अंतरिक्ष के समझौते थे।
- ओमान में कुल भारतीयों की संख्या 8 लाख के निकट है जो कि दोनों देशों के मध्य है एक जीवंत आर्थिक मानवीय एवं सांस्कृतिक संबंध स्थापित करते हैं।
- लेकिन सर्वाधिक महत्वपूर्ण पक्ष इथोपिया के साथ ओमान की उपस्थिति में भारत के लिए एक सुरक्षित व्यापार मार्ग स्वेज की खाड़ी से लाल सागर तथा अदन की खाड़ी होते हुए भारत तक सुनिश्चित करना है।
- इस मानचित्र में हम एक बंदरगाह Duqm Port के नाम से देख रहे हैं वर्ष 2018 में ओमान में भारतीय नौसेना को यहां पर अपने सेना सहयोग गतिविधियों के लिए स्वीकृति दी है।
- इसके साथ ही भारत इस बंदरगाह का उपयोग भारत मध्य पूर्व आर्थिक गलियारे के लिए भी कर सकता है।
- इस प्रकार अब हम समझ पाते हैं कि भले ही ओमान भारत के आर्थिक गलियारे का भाग नहीं है लेकिन एक निकटवर्ती अनुपूरक महत्वपूर्ण साझेदार अवश्य है।
- इस प्रकार ओमान की भौगोलिक स्थिति जहां लाल सागर से अदन की खाड़ी तक रक्षा उपलब्ध कराएगी वहीं आर्थिक गलियारे के लिए आर्थिक सुरक्षा भी सुनिश्चित करेगी।
इस कारण से पश्चिम/मध्य पूर्व एशिया
अस्थिर रहता है।
Energy Geo-Politics of West Asia
Reason of Middle East INSTABILITY
पश्चिम एशिया निरंतर पश्चिम के "वैश्विक कूटनीतिक हस्तक्षेप सिद्धांत Boiling Pot Strategy" के अंतर्गत निरंतर जव्लनशील अवस्था में रहता है। चीन का निरंतर बढ़ता हुआ हस्ताक्षेप तथा अमेरिका/ पश्चिमी देश के पारंपरिक कूटनीतिक सिद्धांत इस क्षेत्र को निरंतर जव्लनशील बनाए रखते हैं।
भारत इन परिस्थितियों को एकल बल के रूप में पलट नहीं सकता है लेकिन कूटनीतिक माध्यम से एक मध्य मार्ग Middle Path अवश्य खोज सकता है जो कि लगभग उसने खोज लिया है इसी को अधिक शक्तिशाली तथा स्थाई बनाए रखने के लिए भारत के प्रधानमंत्री के द्वारा जॉर्डन इथोपिया तथा ओमान का प्रवास/ यात्रा की जा रही है।
भविष्य के लिए इसको और सतत किस प्रकार किया जा सकता है इसका पक्ष समझ सकते हैं कि यह तीनों ही देश वैश्विक दक्षिण/ Global South के अंग है और भारत इस समय वैश्विक दक्षिण का नेतृत्व कर रहा है।
इन दोनों उपयुक्त परिपेक्ष में प्रधानमंत्री की है यात्रा भारतीय कूटनीति के दृष्टिकोण से अत्यधिक महत्वपूर्ण हो जाती है।
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