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उपर्युक्त चित्र के माध्यम से हम जान पाते हैं कि वर्तमान में अमेरिका विश्व का सबसे बड़ा तेल उत्पादक देश है-
इसके साथ ही वह तेल का सबसे बड़ा उपभोक्ता देश भी है और इसकी आपूर्ति को सुनिश्चित करने के लिए दूसरा चित्र हमको बताता है कि वह किन-किन देशों से तेल को आयात करता है।
उसकी प्रतिदिन की तेल खपत को
सुनिश्चित करने के लिए वह -
- Canada
- Maxico
- Brazil
- Saudi
- Arabia तथा
- Iraq
देश से कच्चे तेल का आयात करता है।
Note-
- इराक वही देश है जहां अमेरिका ने वेनेजुएला के समान ही सैन्य कार्यवाही करके अपनी तेल आपूर्ति को सुनिश्चित किया है।
- इस प्रकार सैनिक कार्यवाही की दृष्टि से इराक और वेनेजुएला में कोई अंतर नहीं है।
इसका एक अर्थ यह भी है कि यदि वेनेजुएला
के पास तेल के भंडार नहीं होते तो संभवतः वहां पर अमेरिका अपनी सैन्य कार्यवाही भी
नहीं करता।
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अब यहां दो महत्वपूर्ण देशों पर
ध्यान दीजिए-
- सऊदी अरब/ Saudi Arabia और
- इराक/ Iraq.
- सैन्य रूप से इस संकरे पाथ (Narrow Path) पर ईरान के सैन्य शासन का नियंत्रण रहता है।
- अर्थात यदि भू राजनीतिक परिस्थितियों ईरान के अनुकूल नहीं है तब ईरान मार्ग को सैन्य कार्यवाही के द्वारा अवरुद्ध कर देता है।
- यद्यपि आज तक ईरान ने ऐसा पारस की खाड़ी से होने वाले तेल निर्यात को पूर्ण रूप से बिधित नहीं किया है किंतु समय-समय पर यहां से निकलने वाली तेल वाहक जहाज़ को या तो अभिग्रहण (जब्त/ Seize) कर लेता है अथवा निर्यात और आयात में अवरोध उत्पन्न कर देता है।
- अब यदि किसी प्रकार का सैन्य संघर्ष खाड़ी के क्षेत्र में होता है तब ईरान इस मार्ग को अवरुद्ध करके तेल आपूर्ति को वैश्विक स्तर पर बाधित कर देगा क्योंकि वर्तमान परिस्थितियों ईरान के लिए निर्णायक परिस्थितियों को जन्म दे रही है तब अंतिम विकल्प के रूप में या तो वह इस मार्ग मे अवरोध उत्पन्न करेगा अथवा इसको बाधित खर देगा।
- अब, यदि ऐसा
होता है तो अमेरिका को सऊदी अरब और इराक के माध्यम से होने वाली तेल आपूर्ति बाधित
हो जाएगी।
- ऐसी स्थिति में आवश्यक है कि अमेरिका के लिए तेल आपूर्ति निर्बाध रूप से जारी रहे तब वर्तमान का वेनेजुएला अमेरिका के लिए एक विकल्प बनता है।
यह भी एक मूल कारण है कि अमेरिका के द्वारा वेनेजुएला में सैन्य कार्यवाही कर अपनी मंतव्य की सरकार को वहां पर स्थापित किया गया है और आप पाएंगे कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के द्वारा यह वक्तव्य दिया गया कि -
- वेनेजुएला का तेल अब हमारा है अर्थात अमेरिकी कंपनियां तेल आपूर्ति के लिए वेनेजुएला में अमेरिकी अर्थशास्त्र के अनुसार कार्य करेंगी।
- इसका अर्थ यह हुआ कि जब ईरान पर इजरायल और अमेरिका के द्वारा सैन्य कार्यवाही की जाएगी तब अमेरिका की ऊर्जा आपूर्ति निर्बाध रूप से जारी रहेगी।
इसलिए वेनेजुएला पर की गई सैन्य कार्यवाही
का भू "राजनीतिक दृष्टिकोण/ Geo Political Consequences" से एक दूरगामी परिणाम यह निकलता है।
- यदि हम "मध्य पूर्व एशिया/ (Middle East Countries Name)" की भौगोलिक एवं राजनीतिक परिदृश्य का अवलोकन करें तब इजरायल और अधिक भूमि अधिग्रहण करने के लिए वहां संघर्ष कर रहा है।
- इजराइल का एक ही सपना है "Greater
Israel" का निर्माण जिसमें सबसे बढ़ी बांधा ईरान एवं उसका परमाणु
कार्यक्रम है तब इसराइल को अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ईरान को, एक सैन्य शक्ति के रूप में, समाप्त करना होगा।
- 29 दिसंबर-2025 को इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और डोनाल्ड ट्रंप के बीच में बैठक होती है और 4 जनवरी -2025 को वेनेजुएला में सैन्य कार्यवाही हो जाती है।
- इन दोनों घटनाओं को
- ईरान/Iran तथा
- मध्य पूर्व एशिया/ Middle East Asia की राजनीतिक पृष्ठभूमि के परिपेक्ष में हमको देखना होगा
- तब हम समझ पाते हैं कि वास्तव में वेनेजुएला इतना महत्वपूर्ण क्यों हो जाता है।
उपर्युक्त चित्र को ध्यान से देखिए
जिसमें Strait of Hormuz को दिखाया गया है।
- अंतर्राष्ट्रीय व्यापारिक समुद्री मार्ग
में हिंद महासागर की समुद्री मार्ग को "हिंद महासागर संपर्क रेखाएं / Indian sea line of
communication" कहकर संबोधित किया जाता है।
- इस व्यापारिक मार्ग में -
- होर्मुज की खाड़ी/ Strait of Hormuz,
- बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य (खाड़ी)/ Bab Al Mandev तथा
- मलक्का जलसंधि / Malakka Strait
- तीन "संकुचित बिंदु (Choke Point)" है जो की अंतर्राष्ट्रीय व्यापार को बाधित करने की क्षमता रखते हैं।
- ईरान संघर्ष की स्थिति में और हारमुज की खाड़ी अबाधित रहे यह भी एक कारण रहा वेनेजुएला वेनेजुएला में सैन्य कार्यवाही का।
- अमेरिका के व्यापारिक संतुलन एवं ऊर्जा आपूर्ति के लिए आवश्यक है कि हरमुज़ की खाड़ी के माध्यम से तेल निर्यात आबाद रूप से जारी रहना चाहिए।
इसलिए -
- चुकी अब अमेरिका की ऊर्जा आपूर्ति सुरक्षा सुनिश्चित हो गई है तो तैयार रहिए क्योंकि अब मध्य पूर्व एशिया / पश्चिम एशिया में इजरायल ईरान के विरुद्ध बड़ी सैन्य कार्यवाही, अमेरिका के समर्थन से, करेगा
- परिणाम स्वरूप ईरान में वहां की वर्तमान सरकार को अपदस्त करके अमेरिका/ इजरायल के मंतव्य की
सरकार का गठन किया जाएगा।
- इसका पहला चरण वहां पर सार्वजनिक विरोध के माध्यम से प्रारंभ हो चुका है।
- क्योंकि यहूदी धर्म में यहूदियों के ईश्वर
यहुदा ने इसराइल के लिए "वचनबद्ध भूमि/ Promise Land" का प्रावधान किया है और इजरायल उसको किसी भी स्थिति में लेकर रहेगा जिसको
हम वर्तमान रूप में Greater Israel से जानते हैं।
- इसके लिए आवश्यक है कि उसकी आर्थिक और सैनिक वर्चस्व इस क्षेत्र में बना रहे जिसके लिए ईरान का सैन्य एवं आर्थिक रूप से शक्तिहीन होना होना अवांछनीय है।
इस ब्लॉग के माध्यम से मैं वेनेजुएला में हुए अमेरिकी सैन्य कार्यवाही के एक पक्ष को आपके सामने रखने का प्रयास किया है आपकी आलोचनात्मक टिप्पणियों कि मैं प्रतीक्षा कर रहा हूं।
धन्यवाद।